स्वतंत्रता दिवस | Indipendance day in hindi
प्रस्तावना:-
15 अगस्त 1947 से पूर्व लगभग 200 सालो तक हमारा भारत देश ब्रिटिश शासन का गुलाम था। ब्रिटिश शासन द्वारा भारतीय निवानी पर अत्याचार, अपमान और शोषण किया जा रहा था। कई स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों ने देश को आजादी दिलाने के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दी। तब जाकर कही हमारे देश को 15 अगस्त 1997 को आजादी प्राप्त हुई। तभी से लेकर हम 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते है।

स्वतंत्रता दिवस का महत्व:-
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 1947) के दिन ही हमें ब्रिटिश शासन से आजादी प्राप्त हो गयी थी, इसलिए यह दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण था। इस दिन ब्रिटिश शासन के प्रतिक यूनियन जैक का भारत से पतन हो गया तथा इसका स्थान भारतीय तिरंगे ने ले लिया। इसी कारण हम विश्व स्तर पर अपना सर गर्व से ऊँचा कर सके, और स्वयं आत्मसम्मान भी प्राप्त कर पाये।
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स्वतंत्रता दिवस मनाने की रीती:-
15 अगस्त 1947 को भारतीय निवासियों के स्वतंत्रता के द्वार खुल गए थे। 14 अगस्त 1947 की रात्रि 12 बजकर 1 मिनट पर ब्रिटिश सरकार ने भारतीयों कर्णधारों को शासन (सत्ता) सौंप दिया। 15 अगस्त की सुबह भारतीयों के लिए एक आजादी लेकर आया, और यह दिन भारतीयों के लिए बहुत ही भाग्यशाली था।
15 अगस्त के दिन दिल्ली के लाल किले पर भारतीय तिरंगा फहराया गया। जिसे देखने के लिए बहुत बड़ी संख्या में वहा भीड़ एकत्रित हुई, सेना व क्रांतिकार्यो ने राष्ट्रीय के इस तिरंगे को सलामी दी। तभी से हर वर्ष 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रीय तिरंगे के सामने सम्मान प्रकट करके उसे सलामी दी जाती है। इस दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले पर झंडा फहराते है। सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी ध्वजरोहण करते है और सम्मान प्रकट करते है। सरकारी कार्यालो, विद्यालयों व कॉलेजों में भी ध्वजरोहण करके सम्मान प्रकट करते है। स्कूलों और कॉलेजो में तो सांस्कृतिक कार्योकर्मो का आयोजन भी किया जाता है
उपसंहार:-
हमने कई सालो कठिन संघर्ष के बाद स्वतंत्रता प्राप्त की है। पर अभी भी हमारा समाज ईर्ष्या, द्वेष, क्षेत्रिता व जाती विवाद में घिरा हुआ है, जो की एक चिंतनीय विषय है। जब तक हम इन सामाजिक बुराई से मुक्त नहीं होते तब तक हमारी राष्ट्रीय स्वतंत्रता निरर्थक रहेगी।
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